समय रूपी अमूल्य उपहार का एक क्षण भी आलस्य और प्रमाद में नष्ट न करें।


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आभूषणों के अलंकार से कहीं श्रेष्ठ है गुणों का अलंकार।


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ಇತರರನ್ನು ವಂಚಿಸುವುದು ಎಂದರೆ ತಮ್ಮನ್ನು ತಾವೇ ವಂಚಿಸಿಕೊಂಡತೆ, ಅಂತರಾತ್ಮವು ಈ ಕೀಳು ನಡವಳಿಕೆಯನ್ನು ಗುರುತಿಸುತ್ತದೆ. ಮತ್ತು ಸತತವಾಗಿ ವಾಗಂಭಡನೆ ಮಾಡುತ್ತಿರುತ್ತದೆ.


ಪಂ. ಶ್ರೀರಾಮ ಶರ್ಮಾ ಆಚಾರ್ಯ


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पराये धन के प्रति लोभ पैदा करना अपनी हानि करना है।


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पुरुष- स्त्री वस्तुतः समान हैं। एक ही रथ के दो पहिए हैं। उसमें से न कोई छोटा है, न बड़ा।


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असत् से सत् की ओर, अंधकार से आलोक की और विनाश से विकास की ओर बढ़ने का नाम ही साधना है।


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अपना अंतःकरण इतना निर्मल और पवित्र बनाओ कि उसमें ईश्वर का प्रकाश स्वयमेव झिलमिलाने लगे।


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गृहस्थ धर्म जीवन का एक पुनीत, आवश्यक एवं उपयोगी अनुष्ठान है। आत्मोन्नति करने के लिए वह एक प्राकृतिक, स्वाभाविक और सर्वसुलभ योग है।


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जो अपनी सहायता अप करने को तत्पर हैं, ईश्वर केवल उन्हीं की सहायता करता है।


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हर परिस्थिति में प्रसन्न रहिए, निर्भय रहिए और कर्तव्य करते रहिए।


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मानवता की सेवा से बढ़कर और कोई काम बड़ा नहीं हो सकता।


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ईश्वर का अर्थ शासक होता है, जो दण्ड और पुरस्कार दोनों दे सकता है। अतः उसकी व्यवस्था के प्रति सतर्क एवं सावधान रहें।


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