समय रूपी अमूल्य उपहार का एक क्षण भी आलस्य और प्रमाद में नष्ट न करें।


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आपत्तियाँ एक प्रकार की ईश्वरीय चेतावनियाँ हैं, जिनसे ठोकर खाकर मनुष्य सजग हो और गलत मार्ग से पीछे लौटे।


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निरक्षरता मनुष्य जीवन का बहुत बड़ा कलंक है।


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शिक्षा एक ऐसा साँचा है, जिसमें छात्र की गीली मिट्टी को किसी भी आकृति में ढाला जा सकता है।


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जिस प्रकार राष्ट्र की जननी नारी, होगी, राष्ट्र भी उसी प्रकार का बनेगा।

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पारिवारिक सुख- शान्ति का मूल है- सुव्यवस्था, आर्थिक सुनियोजन एवं उपलब्ध साधनों का बुद्धिमानीपूर्वक सदुपयोग।


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नारी मानव सृष्टि की वह धारा है, जो सर्वदा शीतल होकर बहती है और गर्म होना जानती ही नहीं।


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मानव जीवन की सर्वांगीण सुव्यवस्था के लिए पारिवारिक जीवन प्रथम सोपान है।


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हम हर घड़ी, हर परिस्थिति में प्रसन्न रहें, क्योंकि प्रसन्नता हमारी आध्यात्मिकता का प्रमुख लक्षण है।


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आज के युग की सबसे बड़ी शक्ति शस्त्र नहीं, सद्विचार है।


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सच्चे उपदेशक वाणी से नहीं, जीवन से सिखाते हैं।


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आत्मा की उत्कृष्टता संसार की सबसे बड़ी सिद्धि है।


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