समय रूपी अमूल्य उपहार का एक क्षण भी आलस्य और प्रमाद में नष्ट न करें।


By Pandit Shriram Sharma Acharya
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The arrogant do not have any Lord anywhere, the jealous do not have any neighbour and the wrathful do not have any friend.


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सज्जनों की कोई भी साधना कठिनाइयों में से होकर निकलने पर ही पूर्ण होती है।


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फालतू समय को फिजूल कार्यों से बचाकर ज्ञान प्राप्ति में लगाएँ।


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प्यार और सहकार से भरा- पूरा परिवार ही इस धरती का स्वर्ग होता है।


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जिसके अंदर ऐय्याशी, फिजूलखर्ची एवं विलासिता की कुर्बानी देने की हिम्मत है, वही सच्चा अध्यात्मवादी है।


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जीवन एक पाठशाला है, जिसमें अनुभवों के आधार पर हम शिक्षा प्राप्त करते हैं।                            


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सन्तोष और सादगी का पालन करो।


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सौन्दर्य फैशन में नहीं, वरन् हृदय के आदर्श गुणों में है।


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मनुष्य कर्म करने में स्वतंत्र है, परन्तु इनके परिणामों में चुनावों की कोई सुविधा नहीं।


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जो आदर्श जीवन बनाने और बिताने के लिए जितना इच्छुक, आतुर एवं प्रयत्नशील है, वह उतने ही अंशों में आस्तिक है।


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आहार विहार, निंद्रा पर नियन्त्रण रखो, ऐसा करने से स्वस्थ रहेंगे और ज्ञान द्वारा सुख रूप परमात्मा की प्राप्ति कर सकोगे।


By Pandit Shriram Sharma Acharya
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