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  • दिनचर्या को व्यवस्थित बना देना आरोग्य की गारंटी है। 


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    झगड़ने वाले दुश्मनों से उतना डरने की आवश्यकता नहीं, जितना मित्र बन कर घात करने वालों से।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    शीलवान् व्यक्तित्व ही समस्त ऐश्वर्य का मूल है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    जो असत्य को अपनाता है वह सब कुछ खो बैठता है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    कदम क्रान्ति के नहीं रुकेंगे, बेटा- बेटी नहीं बिकेंगे


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    स्वास्थ्य संयम पर निर्भर है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    विद्याध्ययन एक तप है, जिसकी तेज से विद्यार्थी तपकर कुन्दन बनता है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता आप है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    काल (समय) सबसे बड़ा देवता है, उसका निरादर मत करो।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    कर्तव्यशील मनुष्य ही धार्मिक है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    जिस देश को राजनीतिक उन्नति करनी हो, वह यदि पहले सामाजिक उन्नति नहीं कर लेगा, तो राजनीतिक उन्नति आकाश में महल बनाने जैसी होगी।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    आदर्शों को ही देव कहते हैं। जो उत्कृष्ट आदर्शवादिता का परिपालन करता है, वही देव उपासक है।



    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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