• सफल सार्थक जीवन
  • प्रगति की आकांक्षा
  • सुव्यवस्थित पारिवारिक संबंध
  • बाल निर्माण
  • मानवीय गरिमा
  • गायत्री और यज्ञ
  • भारतीय संस्कृति
  • धर्म और विज्ञान
  • समय का सदुपयोग
  • स्वस्थ जीवन
  • आध्यात्मिक चिंतन धारा
  • भाव संवेदना
  • शांतिकुंज -21 वीं सदी की गंगोत्री
  • कर्मफल और ईश्वर
  • स्वाध्याय और सदविचार
  • प्रेरक विचार
  • समाज निर्माण
  • युग निर्माण योजना
  • वेदो से दिव्य प्रेरणाये
  • शिक्षा और विद्या
  • धर्म में से दुराग्रह और पाखण्ड को निकाल दो। वह अकेला ही संसार को स्वर्ग बनाने में समर्थ है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
    Share on Google+ Email

    नारी धरती है, नर उससे उत्पन्न होने वाले पौधे हैं।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
    Share on Google+ Email

    विचारों की पवित्रता स्वयं एक स्वास्थ्यवर्धक रसायन है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
    Share on Google+ Email

    विचारों के परिमार्जन के लिए स्वाध्याय आवश्यक है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
    Share on Google+ Email

    सबसे बड़ी कोई सहायता है तो वह है कठिनाई के वक्त किसी की मदद करना।

    By Pandit Shriram Sharma Acharya
    Share on Google+ Email

    शुभ कार्य के लिए हर दिन शुभ है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
    Share on Google+ Email

    जो जैसा सोचता और करता है, वह वैसा ही बन जाता है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
    Share on Google+ Email

    वीर्य संचित होने से मस्तिष्क में प्रबल शक्ति आती है और इस महती शक्ति के सहारे एकाग्रता साधन करना सहज हो जाता है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
    Share on Google+ Email

    सुखी होना है तो प्रसन्न रहिए, निश्चिन्त रहिए, मस्त रहिए।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
    Share on Google+ Email

    सौन्दर्य फैशन में नहीं, बल्कि हृदय के आदर्श गुणों में है।



    By Pandit Shriram Sharma Acharya
    Share on Google+ Email

    सत्कर्म ही लोक- परलोक की सुख- शान्ति का श्रेष्ठ साधन है।



    By Pandit Shriram Sharma Acharya
    Share on Google+ Email

    इस विश्व ब्रह्माण्ड में दो शक्ति- सत्ताएँ आच्छादित हैं ।। एक जड़ दूसरी चेतना ।। इन्हीं को प्रकृति और पुरुष भी कहते हैं, स्थूल और सूक्ष्म भी ।

    By Pandit Shriram Sharma Acharya
    Share on Google+ Email