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  • शुभ काम दिखावे के लिए न करें।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    स्वर्ग और नरक मनुष्य के ज्ञान और अज्ञान का ही परिणाम है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    अवसर की प्रतीक्षा में मत बैठो। आज का अवसर ही सर्वोत्तम है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    पर्दा प्रथा नारीत्व का अपमान है।

    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    महान् महिमामयी नारी की प्रतिष्ठा ही मानवता की सच्ची प्रतिष्ठा है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    ज्ञान प्राप्ति के लिए निरन्तर प्रयत्नशील रहें।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    सत्कर्मपरायण आत्माएँ परमात्मा के ही समतुल्य है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    जूठन छोड़ना अन्न देवता का अपमान है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    शिक्षक राष्ट्र मंदिर के कुशल शिल्पी हैं।



    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    नारी प्रकृति की बेटी है। सृष्टि की परम सौन्दर्यमयी सर्वश्रेष्ठ कृति है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    मानव समाज रूपी गाड़ी में स्त्री- पुरुष दोनों का समान महत्त्व है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    तलवार की कीमत म्यान से नहीं, बल्कि धार से होती है। इसी प्रकार मनुष्य की कीमत धन से नहीं सदाचार से ऑंकी जाती है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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