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  • जीवन उसी का सार्थक है, जो सदा परोपकार में प्रवृत्त है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    फूलों की तरह हँसते- मुस्कराते जीवन व्यतीत करो।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    नारी के हैं रूप अनेक, ब्रह्मा विष्णु और महेश।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    नारी का असली श्रृंगार सादा जीवन उच्च विचार।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    पीढ़ियों को सुसंस्कृत बनाना है, तो महिलाओं को सुयोग्य बनाओ।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    दूसरों के साथ वैसी ही उदारता बरतो, जैसे ईश्वर ने तुम्हारे साथ बरती है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    बहुमूल्य वर्तमान का सदुपयोग कीजिए।



    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    जो विचार जितनी मात्रा में जीवन में उतर चुका है उतना ही वह अर्थपूर्ण होता है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    नारी का गौरव चौके- चूल्हे तक सीमित रहने में नहीं है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    नारी आभूषणों से नहीं, वरन् अपने गुणों से सजती है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    अदम्य उत्साह और प्रबल पुरुषार्थ को कुण्ठित कर सके ऐसी कोई शक्ति इस संसार में नहीं है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    भावना से कर्तव्य बड़ा होता है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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