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  • सफलता से संबंधित विचार


    जेवर नहीं बैंक का खाता, संचित धन को सफल बनाता।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    अपनी राह आप बनाएँ, ताकि सफलता के लक्ष्य तक पहुँचे, आसरा तकते रहने से तो निराशा ही हाथ लगती है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    असफलता केवल यह सिद्ध करती है कि सफलता का प्रयास पूरे मन से नहीं हुआ ।।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    दिवा स्वप्र न देखो। बिना पंख के उड़ाने न भरो। वह करो जो आज की परिस्थितियों में किया जा सकता है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    जीवन में दो ही व्यक्ति असफल होते हैं, जो सोचते हैं, पर करते नहीं। दूसरे वे जो करते तो हैं, पर सोचते नहीं। 


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    मन का संकल्प और शरीर का पराक्रम यदि किसी काम में पूरी तरह लगा दिया जाय तो सफलता मिल कर रहेगी।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    ज्ञान की गहराई तथा व्यवहार की मधुरता और श्रेष्ठता ही विद्यार्थी जीवन की सफलता है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    अपने जीवन- रथ के सूत्र संचालन भगवान् को सौंप देना सौभाग्य एवं समझदारी का चिह्न है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    सच्ची लगन तथा निर्मल उद्देश्य से किया हुआ प्रयत्न कभी निष्फल नहीं जाता।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    इस संसार में हर प्रकार के अवसर मौजूद हैं। यहाँ पैरों में चुभने वाले काँटे भी बहुत हैं और सुगन्ध- सुशमा से भरे- पूरे फूलों की भी कमी नहीं। यह निर्धारण करने का संकल्प, प्रयास और अधिकार पूरी तरह अपने हाथ में है।  (वाङ्मय 54, पृ. 1.61)

    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    प्रयत्न करते रहने पर सफलता मिलती ही है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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