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    सुसंस्कृत परिवार ही महामानवों को गढ़ सकते हैं।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    नारी का सम्मान जहाँ हैं, संस्कृति का उत्थान वहाँ है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    बिगड़ी क्यों भारत की साख, भीख माँगते अस्सी लाख।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    श्रेष्ठता और संस्कृति का पहला गुण स्वच्छता है।

    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    हिन्दू धर्म विश्व धर्म बनेगा और वेद मंत्रों से ब्रह्माण्ड गूँजेगा। भारत विश्व का मार्गदर्शक बनेगा।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    महापुरुष किसी जाति या राष्ट्र के नहीं, बल्कि समस्त विश्व के।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    नारी ही संस्कृति की संरक्षिका है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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