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    वृक्ष धूप, शीत सहते रहते हैं, पर दूसरों को छाया, लकड़ी और फल- फूल बिना किसी प्रतिफल की आशा के मनुष्यों से लेकर पशु पक्षियों तक को बाँटते रहते हैं। क्या तुम इतना भी नहीं कर सकते बुद्धिमानी की निशानी उपलब्ध साधन और समय का श्रेष्ठतम उपयोग करना है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    आलस्य और प्रमाद में एक क्षण का भी अपव्यय न होने दें।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    समय की कद्र करो। एक मिनट भी फिजूल मत गँवाओ


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    हमारा हर क्षण सार्थक, श्रेष्ठ एवं उपयोगी कार्यों में लगे।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    अवकाश का समय व्यर्थ मत जाने दो।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    दूसरों की निन्दा- त्रुटियाँ सुनने में अपना समय नष्ट मत करो।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    काल (समय) सबसे बड़ा देवता है, उसका निरादर मत करो।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    हर दिन नया जन्म समझें, उसका सदुपयोग करें।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    आप समय को नष्ट करेंगे तो समय भी आपको नष्ट कर देगा।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    आज का नया दिवस हमारे लिए एक अनमोल अवसर है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    दिवास्वप्न न देखो। बिना पंख उड़ाने न भरो। वह करो जो आज की परिस्थितियों में किया जा सकता है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    समय के सदुपयोग का नाम ही पुरुषार्थ है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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