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    काल (समय) सबसे बड़ा देवता है, उसका निरादर मत करो।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    आज का नया दिवस हमारे लिए एक अनमोल अवसर है।!


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    आलस्य और प्रमाद में एक क्षण का भी अपव्यय न होने दें।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    समय के सदुपयोग का नाम ही पुरुषार्थ है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    वृक्ष धूप, शीत सहते रहते हैं, पर दूसरों को छाया, लकड़ी और फल- फूल बिना किसी प्रतिफल की आशा के मनुष्यों से लेकर पशु पक्षियों तक को बाँटते रहते हैं। क्या तुम इतना भी नहीं कर सकते बुद्धिमानी की निशानी उपलब्ध साधन और समय का श्रेष्ठतम उपयोग करना है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    जीवन का हर क्षण एक उज्ज्वल भविष्य की संभावना लेकर आता है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    युग निर्माण योजना कागजी या कल्पनात्मक जल्पना नहीं है। यह समय की पुकार, जनमानस की गुहार और दैवी इच्छा की प्रत्यक्ष प्रक्रिया है। इसे साकार होना ही है। इसको आरंभ करने का श्रेय अखण्ड ज्योति परिवार को मिल रहा है, इस सौभाग्य के लिए हममें से प्रत्येक को प्रसन्न होना चाहिए और गर्व अनुभव करना चाहिए। योजना के क्रियान्वयन के लिए बिना समय नष्ट किये हमें अपने कर्तव्य और उत्तरदायित्व की पूर्ति के लिए कटिबद्ध हो जाना चाहिए। आलस्य और उपेक्षा करने वालों को पश्चाताप ही हाथ रह जाएगी।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    समय के सदुपयोग का नाम ही पुरुषार्थ है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    हर दिन नया जन्म समझें, उसका सदुपयोग करें।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    आज का नया दिवस हमारे लिए एक अनमोल अवसर है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    दिवास्वप्न न देखो। बिना पंख उड़ाने न भरो। वह करो जो आज की परिस्थितियों में किया जा सकता है।


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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    समय की कद्र करो। एक मिनट भी फिजूल मत गँवाओ


    By Pandit Shriram Sharma Acharya
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