Chintan Quotes

सफल सार्थक जीवन


जीवन में निराशा को प्रश्रय देना असफलता के लिए मार्ग प्रशस्त करना है। सफलता का आधार पुरुषार्थ तथा आत्म विश्वास माना गया है, किन्तु निराशाग्रस्त मनुष्य को यह दोनों गुण छोड़कर चले जाते हैं। निराश व्यक्ति जिस काम में हाथ डालता है,...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

प्रेरक विचार


जीवन में निराशा को प्रश्रय देना असफलता के लिए मार्ग प्रशस्त करना है। सफलता का आधार पुरुषार्थ तथा आत्म विश्वास माना गया है, किन्तु निराशाग्रस्त मनुष्य को यह दोनों गुण छोड़कर चले जाते हैं। निराश व्यक्ति जिस काम में हाथ डालता है,...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

सफल सार्थक जीवन


वाणी का दुरुपयोग मनुष्य को जीवन के सभी पहलुओं में असफल बनाता है। झूठ बोलकर, धोखा देकर, चालाकी भरे शब्दों का व्यवहार करके मनुष्य दूसरों को भ्रम में डाल देता है। ऐसे व्यक्तियों का कोई साथ नहीं देता। ऐसे धूर्त, चालाक, लम्पट, वाचाल व्यक्तियों...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

प्रेरक विचार


वाणी का दुरुपयोग मनुष्य को जीवन के सभी पहलुओं में असफल बनाता है। झूठ बोलकर, धोखा देकर, चालाकी भरे शब्दों का व्यवहार करके मनुष्य दूसरों को भ्रम में डाल देता है। ऐसे व्यक्तियों का कोई साथ नहीं देता। ऐसे धूर्त, चालाक, लम्पट, वाचाल व्यक्तियों...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

सफल सार्थक जीवन


जिस व्यक्ति में टालमटोल का रोग लग जाता है, वह अपने जीवन में अनेक काम नहीं कर पाता, बल्कि उसके सब काम अधूरे पड़े रह जाते हैं। यद्यपि ऐसे लोग हर समय व्यस्त रहते दिखाई पड़ते हैं, फिर भी अपना काम पूरा...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

प्रेरक विचार


जिस व्यक्ति में टालमटोल का रोग लग जाता है, वह अपने जीवन में अनेक काम नहीं कर पाता, बल्कि उसके सब काम अधूरे पड़े रह जाते हैं। यद्यपि ऐसे लोग हर समय व्यस्त रहते दिखाई पड़ते हैं, फिर भी अपना काम पूरा...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

सफल सार्थक जीवन


फल की आतुरता प्रगति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है। धैर्य और साहसपूर्ण अपना कर्तव्य पालन करते रहना और उचित मार्ग पर चलते रहना ही हमारे लिए श्रेयष्कर है। जल्दबाजी में लाभ तो कुछ नहीं होता, उलटे सफलता का लक्ष्य...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

मानवीय गरिमा


फल की आतुरता प्रगति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है। धैर्य और साहसपूर्ण अपना कर्तव्य पालन करते रहना और उचित मार्ग पर चलते रहना ही हमारे लिए श्रेयष्कर है। जल्दबाजी में लाभ तो कुछ नहीं होता, उलटे सफलता का लक्ष्य...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

सफल सार्थक जीवन


स्मरण रखिए, जीवन के शाश्वत मूल्यों को समझ लेने पर, कर्तव्य में जुट जाने पर कठिनाई, दुःख नाम की कोई वस्तु शेष नहीं रहती। सदा से धरती पर दुःख, द्वंद्व, शोक रहा है और रहेगा ही। इनका सर्वथा निवारण नहीं हो सकता। अतः इनमें...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

प्रेरक विचार


स्मरण रखिए, जीवन के शाश्वत मूल्यों को समझ लेने पर, कर्तव्य में जुट जाने पर कठिनाई, दुःख नाम की कोई वस्तु शेष नहीं रहती। सदा से धरती पर दुःख, द्वंद्व, शोक रहा है और रहेगा ही। इनका सर्वथा निवारण नहीं हो सकता। अतः इनमें...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

सफल सार्थक जीवन


किसी कार्य को दृढ़ लगन, निष्ठा, सच्चाई के साथ दिल खोलकर करना कर्म साधना है। जिससे शक्तियों के स्रोत खुलते जाते हैं। ये शक्ति स्रोत ही जीवन में सिद्धियाँ बन जाते हैं। ये सिद्धियाँ जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के वरदान प्राप्त...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

मानवीय गरिमा


किसी कार्य को दृढ़ लगन, निष्ठा, सच्चाई के साथ दिल खोलकर करना कर्म साधना है। जिससे शक्तियों के स्रोत खुलते जाते हैं। ये शक्ति स्रोत ही जीवन में सिद्धियाँ बन जाते हैं। ये सिद्धियाँ जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के वरदान प्राप्त...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

सफल सार्थक जीवन


शोर मचाना, जल्दबाजी करना, साधारण सी बात को असाधारण महत्त्व देकर उसमें अंधाधुन्ध लग पड़ना, बेतरतीब उलटा- सीधा काम करना, अपनी शक्ति को व्यर्थ नष्ट करना ही है। इस तरह के व्यक्ति अपनी शक्ति, क्षमताओं को जल्दी ही नष्ट करके खोखले हो...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

मानवीय गरिमा


शोर मचाना, जल्दबाजी करना, साधारण सी बात को असाधारण महत्त्व देकर उसमें अंधाधुन्ध लग पड़ना, बेतरतीब उलटा- सीधा काम करना, अपनी शक्ति को व्यर्थ नष्ट करना ही है। इस तरह के व्यक्ति अपनी शक्ति, क्षमताओं को जल्दी ही नष्ट करके खोखले हो...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

मानवीय गरिमा


बुराई को लेकर सक्रिय रहने वाले व्यक्ति के भी सुधरने की आशा की जा सकती है, किन्तु आदर्शों- सिद्धान्तों को बघारने वाले, उपदेश देने वाले अकर्मण्य, आलसी लोगों के सुधरने की कोई गुंजाइश नहीं। दरअसल वह व्यक्ति उतना बुरा नहीं कहा जा...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

आध्यात्मिक चिंतन धारा


बुराई को लेकर सक्रिय रहने वाले व्यक्ति के भी सुधरने की आशा की जा सकती है, किन्तु आदर्शों- सिद्धान्तों को बघारने वाले, उपदेश देने वाले अकर्मण्य, आलसी लोगों के सुधरने की कोई गुंजाइश नहीं। दरअसल वह व्यक्ति उतना बुरा नहीं कहा जा...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

मानवीय गरिमा


संसार का सबसे विकसित और उत्कृष्ट प्राणी होने के नाते मनुष्य को कार्य करने की पूर्ण स्वतंत्रता है। वह कुछ भी कर सकता है, किन्तु नैतिक तथ्य, नियति चक्र और विश्व नियम के विरुद्ध आचरण करने की छूट नहीं है। इस पर...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

आध्यात्मिक चिंतन धारा


उत्तेजना एक क्षणिक पागलपन है, उद्वेग की एक आँधी है, उच्छृंखल भावनाओं का विनाशकारी नृत्य है। क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष, दुर्भावनाओं का ज्वार है, जिसमें निर्बल इच्छा शक्ति वाला मनुष्य सँभल नहीं पाता और बारूद से बने पुतले की तरह नष्ट- भ्रष्ट हो जाता है। उसे...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

आध्यात्मिक चिंतन धारा


वह धर्म सच्चा धर्म नहीं कहा जा सकता, जो ईश्वर व आध्यात्मिकता को इस लोक तथा परलोक में धन- धान्य की प्राप्ति का साधन बतलाता है। वह तो एक प्रकार की छिपी हुई भौतिकता तथा पाशविकता ही है। धर्म की आवश्यकता तो...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

मानवीय गरिमा


केवल सफलताओं को- अपने लाभ को ही महत्त्व देने वाले एकांगी दृष्टिकोण के व्यक्तियों का उत्साह, लगन श्रम तथा मार्ग की असफलताओं से टकराकर चूर- चूर हो सकते हैं और वह पथभ्रष्ट भी हो सकते हैं। सफलता और असफलताओं को समान समझने...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

मानवीय गरिमा


संसार में जितने भी सफल और समुन्नत व्यक्ति हुए हैं, उनकी सफलता का एक महत्त्वपूर्ण कारण उनके सहायक भी हैं। कोई व्यक्ति चाहे कितना ही विद्वान्, बुद्धिमान्, चतुर, शक्तिवान क्यों न हो, पर सहयोग के अभाव में लुंज- पुंज ही रहेगा, उससे कोई महत्त्वपूर्ण...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

भारतीय संस्कृति


संसार में जितने भी सफल और समुन्नत व्यक्ति हुए हैं, उनकी सफलता का एक महत्त्वपूर्ण कारण उनके सहायक भी हैं। कोई व्यक्ति चाहे कितना ही विद्वान्, बुद्धिमान्, चतुर, शक्तिवान क्यों न हो, पर सहयोग के अभाव में लुंज- पुंज ही रहेगा, उससे कोई महत्त्वपूर्ण...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

मानवीय गरिमा


उन्नति, विकास, समृद्धि की मंजिल खड़ी करने के लिए प्रत्येक क्षण मनुष्य के सामने होकर गुजरता है। प्रतिपल, सेकेण्ड, मिनट, घण्टों, रात- दिन, मास, वर्ष के रूप में समय मनुष्य के सामने गतिशील है। इस समय को प्रतिक्षण पहचान कर श्रम, उद्योग सृजन का अवलम्बन लेने...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

समय का सदुपयोग


उन्नति, विकास, समृद्धि की मंजिल खड़ी करने के लिए प्रत्येक क्षण मनुष्य के सामने होकर गुजरता है। प्रतिपल, सेकेण्ड, मिनट, घण्टों, रात- दिन, मास, वर्ष के रूप में समय मनुष्य के सामने गतिशील है। इस समय को प्रतिक्षण पहचान कर श्रम, उद्योग सृजन का अवलम्बन लेने...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

मानवीय गरिमा


अनुशासनबद्ध जीवन जीने वाला व्यक्ति सदैव प्रसन्नचित्त और आनंदमय स्थिति में रहता है। उसकी उपस्थिति मात्र से वातावरण में प्रसन्नता की लहर उठती है। अच्छाइयों का संचार होता है। भले काम उसके द्वारा स्वतः ही होने लगते हैं। जिस देश अथवा समाज...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

समय का सदुपयोग


अनुशासनबद्ध जीवन जीने वाला व्यक्ति सदैव प्रसन्नचित्त और आनंदमय स्थिति में रहता है। उसकी उपस्थिति मात्र से वातावरण में प्रसन्नता की लहर उठती है। अच्छाइयों का संचार होता है। भले काम उसके द्वारा स्वतः ही होने लगते हैं। जिस देश अथवा समाज...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

युग निर्माण योजना


अनुशासनबद्ध जीवन जीने वाला व्यक्ति सदैव प्रसन्नचित्त और आनंदमय स्थिति में रहता है। उसकी उपस्थिति मात्र से वातावरण में प्रसन्नता की लहर उठती है। अच्छाइयों का संचार होता है। भले काम उसके द्वारा स्वतः ही होने लगते हैं। जिस देश अथवा समाज...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

भारतीय संस्कृति


राजनीति एक प्रचण्ड शक्ति है। इस पर नीति और धर्म का नियंत्रण रहना चाहिए। प्रजा और शासकों में चरित्र के प्रति जितनी गहरी आस्था होगी, उतना ही इस शक्ति का ठीक उपयोग हो सकेगा और उसी आधार पर हमारी सुरक्षा, समृद्धि, प्रगति एवं...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

आध्यात्मिक चिंतन धारा


कई बार सदाचारी समझे जाने वाले आश्चर्यजनक दुष्कर्म करते पाये जाते हैं। उसका कारण यही है कि उनके भीतर ही भीतर वह दुष्प्रवृत्ति जड़ जमाये बैठी रहती है। उसे जब भी अवसर मिलता है नग्न रूप में प्रकट हो जाती है।...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img

भारतीय संस्कृति


धैर्य और साहस का मूल्य तोप और तलवार से बढ़कर है। देशभक्ति और बलिदान की भावनाओं से ओतप्रोत नागरिक टैंकों और मिसाइलों से अधिक महत्त्वपूर्ण होते हैं। इसके विपरीत कंजूस, मुनाफाखोर, जखीरेबाज, कायर, डरपोक, देशद्रोही, उत्पाती, अपराधी वृत्ति के लोग राष्ट्रीय संकट के...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
img