समय रूपी अमूल्य उपहार का एक क्षण भी आलस्य और प्रमाद में नष्ट न करें।


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अपने दोषों की ओर से अनभिज्ञ रहने से बढ़कर प्रमाद इस संसार में और कोई दूसरा नहीं हो सकता।


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A coward dies several times before death, but the brave one face death only on the date of death.


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ज्ञान तीन प्रकार से मिल सकते हैं- मनन से, अनुसरण से और अनुभव से


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भगवान् का हो जाने का अर्थ है- स्वयं को उनके प्रति समर्पित कर देना, उनसे भिन्न इच्छाएँ न रखना।


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किसने कितनी उन्नति की इसकी सच्ची कसौटी यह है कि उस मनुष्य के दृष्टिकोण और स्वभाव में कितना परिष्कार हुआ?


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विश्व कल्याण का मार्ग है - नारी उत्थान।


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बचपन सीखने की सबसे बड़ी अवधि है।


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नित्य गायत्री जप, उदित होते स्वर्णिम सविता का ध्यान, नित्य यज्ञ, अखण्ड दीप का सान्निध्य, दिव्यनाद की अवधारणा, आत्मदेव की साधना की दिव्य संगम स्थली है- शान्तिकुञ्ज गायत्री तीर्थ।

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गायत्री को इष्ट मानने का अर्थ है -  सत्प्रवृत्ति की सर्वोत्कृष्टता पर आस्था।


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समय के सदुपयोग का नाम ही पुरुषार्थ है।


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श्रेष्ठ व्यक्तित्वों के गढ़ने की टकसाल है- युगतीर्थ शान्तिकुंज।


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