समय रूपी अमूल्य उपहार का एक क्षण भी आलस्य और प्रमाद में नष्ट न करें।


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ಯಾರು ತನ್ನ ಶೀರವನ್ನು ತಂಪಾಗಿ, ರಕ್ತವನ್ನು ಬೀಸಿಯಾಗಿ ಹೃದಯಲ್ಲಿ ಪ್ರೇಮವನ್ನು ತುಂಬಿಕೊಂಡು ಜೀವನವನ್ನು ಸರಿಯಾಗಿಸಿಕೊಳ್ಳಲು ಬಯಸುವನೋ ಅವನೇ ಸಾರ್ಥಕ ಜೀವಿಯಾಗಿರುತ್ತಾನೆ.


ಪಂ. ಶ್ರೀರಾಮ ಶರ್ಮಾ ಆಚಾರ್ಯ


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गुण, कर्म और स्वभाव की उत्कृष्टता ही सबसे बडी़ पूजा है।


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आत्मज्ञान ही मनुष्य का सबसे बड़ा गौरव है।


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जब तुम्हारा मन टूटने लगे, तब भी यह आशा रखो कि प्रकाश की कोई किरण कहीं न कहीं से उदय होगी और तुम डूबने न पाओगे, पार लगोगे।


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नारी संसार एवं सृष्टि की आराध्य देवी है।


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अगर तुमने खुद पर शासन करना सीख लिया, तो तुम सारी दुनिया पर शासन करने का दावा कर सकते हो।


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हँसते- हँसाते रहो, पर यह कार्य व्यंग्य- उपहास के आधार पर मत करो।


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आत्मज्ञान, आत्मसम्मान और आत्मसंयम ही मनुष्य को महती शक्ति की ओर ले जाते हैं।


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अपना सुधार संसार की सबसे बड़ी सेवा है।


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आशावादी हर कठिनाइयों में भी अवसर देखता है।


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नारी का असली श्रृंगार, सादा जीवन उच्च विचार।


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