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इस विश्व ब्रह्माण्ड में दो शक्ति- सत्ताएँ आच्छादित हैं ।। एक जड़ दूसरी चेतना ।। इन्हीं को प्रकृति और पुरुष भी कहते हैं, स्थूल और सूक्ष्म भी ।

Pandit Shriram Sharma Acharya
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