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ज्ञान का जितना भाग व्यवहार में लाया जा सके वही सार्थक है, अन्यथा वह गधे पर लदे बोझ के समान है।


Pandit Shriram Sharma Acharya
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GITESH SINGH
2018-03-14 06:58:31
Hiiii Mr.shri ram sharma