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मात्र हवन, धूपबत्ती और जप की संख्या के नाम पर प्रसन्न होकर आदमी की मनोकामना पूरी कर दिया करें, ऐसे देवी- देवता दुनिया में कहीं नहीं है।


Pandit Shriram Sharma Acharya
Comments

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AACHARYA JAI
2013-10-20 06:28:43
very good