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संसार में कोई विभूति ऐसी नहीं, जो तीव्र आकांक्षा और प्रबल पुरुषार्थ के आधार पर प्राप्त न की जा सकती हो।


Pandit Shriram Sharma Acharya
Comments

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mritiunjai chand
2014-04-26 17:47:13
very positive attitute