Comments

Post your comment

2016-10-10 07:37:54
Sabita Singh chalan
2016-10-08 15:02:09
जय गुरुदेव ।।।।।
sailabala Singh chalan
2016-10-08 14:59:03
जय मा गायत्री
SADHANA SHARMA
2016-09-17 12:41:11
Jai Guru Dev...
Sanjeev Mehta
2016-08-21 07:42:57
गुरुदेव के विचार हमारे मूक मार्ग दर्शक हैं, यह सतत हमारा मार्गदर्शन करता रहता है।
Anant Prasad Shukla
2016-07-04 10:19:31
बड़े भाग पाइब सतसंगा ! विनही प्रयास होहिं भव भंगा !! अति सुंदर विचार !
Butani Ashish
2016-05-26 05:28:01
prabhat Yadav
2016-05-09 11:41:59
समर्पण" लक्ष्मी सी यदि कोमल है; तो दुर्गा सी भयहारी है, राधा का है मृदुल समर्पण; काली सी प्रलयंकारी है, पाप भरी लंका जल जाये; सीता की वो तेजस चिंगारी है, भगिनी का ले स्नेह अपरिमित; ममता की वह फुलवारी है, सृष्टि-चक्र जो चला सके; विश्व का गौरव नारी है।
prabhat Yadav
2016-05-09 11:40:03
बादलों की तरह बरसते रहोवे लोग अगले जन्म में दु:ख भोगेंगे जो किसी को कुछ नहीं देते और पैसे को जोड़कर जमा करते जाते हैं। जिसने अपने घर में दौलत के ढेर जोड़ रख हैं मगर उसका सदुपयोग नहीं करता उसे एक प्रकार का चौकीदार ही कहना चाहिए। उसका जीवन पृथ्वी के लिए भार रूप है जो वेश की परवाह किए बिना निरंतर धन के लिए ही हाय-हाय करते हैं। जो न तो खुद खा सकता है और न दूसरों को दे सकता, चाहे वह करोड़पति ही क्यों न हो, मामूली गरीब आदमी से उसमें कुछ विशेषता नहीं है। उचित-अनुचित तरीकों से पेट पर पट्टी बाँध कर जो धन जोड़ा या है, वह उसके किसी काम न आएगा, उसका उपयोग तो दूसरे ही करेंगे। वह मनुष्य बुद्धिमान् है, जिसने अपना धन शुभ कार्यों में खर्च कर दिया है। असल में वह बरसने वाले बादलों के समान है, जो आज खाली होता है, तो कल फिर भर जाएगा।मिलनसारी, भलमनसाहत का व्यवहार और दूसरों के हितों का ख्याल रखना, ये ऐसे गुण हैं, जिनसे दुनिया अपनी हो सकती है। संसार उनको भुला नहीं सकता, जो अपने से छोटे और बड़ों के साथ शिष्टता का व्यवहार करते हैं।कटुभाषी और निष्ठुर स्वभाव के मनुष्य का जीवन लोहे और काठ की तरह नीरस होता है चाहे वे भले ही आरी की तरह तेज हों। जिस कर्महीन मनुष्य को इतने लम्बे चौड़े विश्व में हँसने और मुस्कराने योग्य कुछ दिखाई नहीं देता और सारे दिन कुड़ कुढ़ता रहता है, उसे उस रोगी की तरह समझना चाहिए जिस दिन में भी नहीं दीखता। बद-मिज़ाज व्यक्ति के पास चाहे कितनी ही विद्या और सम्पत्ति क्यों न हों, वह उस दूध के समान निकम्मा है जो गन्दे पात्र में रखा होने से दूषित हो गया है।-अखण्ड ज्योति-फर. 1943 पृष्ठ 15
vishal Kapoor
2016-04-05 07:51:52
Jai gurudev
Manoj kumar
2016-02-14 20:27:59
Real and inspiring thoughts
Rajiv kumar
2016-02-11 21:44:01
सोचने का तरिका बदल जाता है इस तरह के सद वाक्य से .... ' जय गुरुदेव '
DEVANG THAKAR
2016-02-07 14:59:58
Jay Gurudev.
vinay kumar singh
2015-10-29 17:08:37
want to see my gurudev and mataji as shinig star of this universe.
Shri R K Namdeo
2015-10-26 11:22:18
Jay Gurudev
smt manoram Namdeo
2015-10-26 11:20:41
jay guradev
laxmi singh
2015-10-05 09:58:46
Jai Gurudev
Prabhat Singh
2015-09-29 19:21:48
Nice one Iam impressed
PRAVEEN SHARMA (BULANDSHAHAR)
2015-08-12 04:10:37
परम पुज्य गुरूदेव का एक - एक शब्द अनमोल है सभी इन शब्दो कुओह्ग आपने जीवन मे आपने.
Mahesh Kumar
2015-07-30 14:27:32
good quote
Dhirendra Nath Misra
2015-07-21 22:20:45
ऋषियों द्वारा लिखे गये सद वाक्य जीवन मे आशा एवं स्फूर्ति का संचार कर मानसिक संतुलन व्यवस्थित बनाये रखने मे बहुत योगदान प्रदान करते हैं
Mahendra Nayak
2015-07-18 10:04:45
Sadbakya are very impressive. This will influence the reader deep in his/her inner conscious.
HARI SINGH MEENA
2015-07-17 07:45:27
its good.
sukhdeo mahto
2015-07-16 06:59:17
jai gurudev
Pramod Vyas
2015-07-11 21:01:26
Ranjan Rajani
2015-06-24 00:54:15
Very nice Jai Gurudev
Ramesh
2015-05-26 00:32:03
Nice quotes. How can I get them daily via whasapp.
Pankaj
2015-04-03 17:20:25
gd
siren bheda
2014-11-29 11:51:39
nice
Shila
2014-10-26 09:25:23
Lovely.
VIJAYA RAMA GOPAL
2014-10-24 22:48:15
HARI OM JAI GURU DEV
SUMAN KUMAR
2014-10-08 23:33:07
Always read these sadvakya when to charge the battery of my brain & Atma
PRADEEP SHARMA
2014-10-04 14:05:13
jai...maa...gyatri
ashutosh
2014-09-28 12:04:14
Satyam
DINESH SAHU GAYATRI PARIWAR MULTAI
2014-09-18 13:14:09
VERY NICE
NAVNEET SHARMA
2014-09-16 05:38:07
like it
Amrish kumar
2014-09-12 21:45:41
always read these sadvakya when feel alone myself.jay gurudev
smita sachan
2014-08-25 00:51:03
no comment
gautam sah
2014-08-21 13:39:05
best hai
Pankaj
2014-04-07 17:48:47
Ashok Kumar Jena
2014-04-04 19:59:30
Out of comments
Mahesh Kumar
2014-03-14 16:10:37
Real Thought, 100% true.........
rajesh kumar
2014-02-12 15:18:24
smita
2014-01-12 16:19:36
inspiration thought
pragy
2013-12-10 20:50:59
anshuman
2013-11-30 13:38:08
narender singh yadav
2013-11-09 16:01:50
bahut accha
subhash chandra tailor
2013-10-11 05:22:53
deepest and sensitive words
rakesh nayak
2013-09-11 09:38:38
jai guru dev
chandu
2013-08-22 01:52:07
mast h
Kunwar Singh
2013-07-26 10:17:43
!!!!!!जय गुरुदेव !!!!