Text Quotes


Chintan Quotes

भाव संवेदना


इस संसार में भावना ही प्रधान है। कर्म का भला- बुरा रूप उसी के आधार पर बंधनकारक और मुक्तिदायक बनता है। सद्भावना से प्रेरित कर्म सदा शुभ और श्रेष्ठ ही होते...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
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भाव संवेदना


आश्वासन एवं अनुरोध :-
यह निश्चित है कि शरीर के बिना भी बहुत कुछ करते बन पड़ेगा।.................जीवित रहने की अपेक्षा शरीर के न रहने पर समर्थता एवं सक्रियता और...View More
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भाव संवेदना


प्रेम गंगा की भांति वह पवित्र जल है, जिसे जहाँ−कहीं छिड़का जाय, वहीं पवित्रता पैदा करेगा। उसमें आदर्शों की अविच्छिन्नता जुड़ी रहती है। आदर्शरहित प्यार को ही मोह कहते हैं। दूरदर्शिता, विवेकशीलता,...View More
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भाव संवेदना


अन्तर्वेदना एवं कर्तव्य बोध :-
हमारी कितनी रातें सिसकते बीती है। कितनी बार हम बालकों की तरह बिलख- बिलख कर रोये हैं- उसे कोई कहां जानता है? लोग हमें संत, सिद्ध, ज्ञानी...View More
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भाव संवेदना


उम्मीदों को आघात न पहुँचाए :-
कुसंस्कारी परिजन नरक में रहने वाले यमदूतों से भी अधिक दुःख देते है। इसका अनुभव उन्हें भली- भांति होगा, जिन्हें स्त्री, पति, पुत्र, पुत्री,...View More
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भाव संवेदना


कुछ भी नहीं असम्भव होता
तू सूर्य और चन्द्रमा को अपने पास नहीं उतार सका, इसका कारण उनकी दूरी नहीं, वरन् तेरी दूरी की भावना है। तू संसार को बदल...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
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