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Chintan Quotes

स्वाध्याय और सदविचार


सुख- दुःख, हर तरह की परिस्थिति में संतुष्ट रहने को संतोष कहते है। कुसंस्कारों के परिशोधन एवं सुसंस्कारों के अभिवर्धन के लिए स्वेच्छापूर्वक जो कष्ट उठाया जाता है- वह तप कहलाता है।...View More
Pandit Shriram Sharma Acharya
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स्वाध्याय और सदविचार


कुविचारों और दुःस्वभावों से पीछा छुड़ाने का तरीका यह है कि सद् विचारों के सम्पर्क में निरन्तर रहा जाये उनका स्वाध्याय, सत्संग और चिंतन- मनन किया जाये। साथ ही अपने...View More
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स्वाध्याय और सदविचार


शंकालु व्यक्ति अपने को चारों ओर से विपत्तियों के चक्रव्यूह में फँसा अनुभव करते हैं और हर व्यक्ति पर संदेह करते हैं। ऐसे लोग न तो किसी का प्यार पाते हैं,...View More
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स्वाध्याय और सदविचार


ईमानदारी बरतने वाला व्यक्ति भी असफल हो सकता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि ईमानदारी कोई गलत गुण है, वरन् सफलता के लिए ईमानदारी के साथ अन्य सद्गुणों- परिश्रम,...View More
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स्वाध्याय और सदविचार


प्रशंसा और यश के लिए अधिक उत्सुक न रहिए, क्योंकि यदि आप प्रतिभावान हैं, तो आपको बढ़ने से कोई भी आलोचना नहीं रोक सकेगी। दूसरे की आलोचना को आंतरिक सच्ची प्रेरणा के...View More
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स्वाध्याय और सदविचार


प्रगति, समृद्धि की पगडण्डी कोई नहीं, केवल एक ही राजमार्ग है कि अपने व्यक्तित्व को समग्र रूप से सुविकसित किया जाय। ‘धूर्तता से सफलता’ का भौंडा खेल सदा से असफल...View More
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